शनिवार, 18 मई 2019

जन आक्रोश के चलते बड़ा जन आंदोलन का रूप लेता ध्रुव त्यागी हत्याकांड*

*जन आक्रोश के चलते बड़ा जन आंदोलन का रूप लेता ध्रुव त्यागी हत्याकांड*

दीपक कुमार त्यागी एडवोकेट
(स्वतंत्र पत्रकार)

देश की राजधानी दिल्ली जो कि ताकत व सत्ता का सबसे बड़ा केंद्र है जिस दिल्ली में देश के प्रथम नागरिक राष्ट्रपति का दरबार सजता है जिस दिल्ली में केन्द्र की सरकार पर हिन्दू हृदय सम्राट नरेंद्र मोदी का दरबार प्रधानमंत्री के रूप मे सजता है. जिस दिल्ली में आम-आदमी के प्रतीक के रूप में मुख्यमंत्री बने अरविंद केजरीवाल का दरबार है जिस दिल्ली में देश के सबसे ताकतवर मंत्री, अधिकारी, और बड़े-बड़े उधोगपतियों के निवास है. जिस दिल्ली से सभी देशवासियों के लिए नियम कायदे कानून बनाये जाते है जिस दिल्ली से वर्ष 2014 में देशवासियों को बार-बार कहा जाता था कि मोदी सरकार आने पर देश में रामराज्य आ जायेगा, महान हिन्दू संस्कृति की पताका देश के कौने-कौने में लहरायेंगी, महिला को पूर्ण सुरक्षा मिलेगी. लेकिन उसी दिल्ली ताकतवर दिल्ली में बेखौफ दुस्साहसी दंरिदों ने एक बीमार बेटी की आबरू बचाने के लिए आये पिता व भाई पर जानलेवा हमला करके गम्भीर रूप से घायल कर दिया जाता है जिसके चलते पिता की जान चली जाती है और भाई गम्भीर रूप से घायल होकर अस्पताल में जीवन बचाने के लिए संघर्ष कर रहा है.

बेखौफ दरिंदों का दुस्साहस तो देखो कि देश की सबसे सुरक्षित माने जाने वाली राजधानी दिल्ली के मोती नगर इलाके के बसई दारापुर गाँव इंसानियत को शर्मसार करने वाली यह हुई वारदात हुई, हालांकि इस मामले में दिल्ली पुलिस ने पड़ोस में ही रहने वाले चार लड़कों को पकड़ लिया  है जिन बदमाशों के हमले से ध्रुव त्यागी की मौत हो गई और उनका बेटा अनमोल गंभीर घायल हो गया था.
आज हमारे समाज को सोचना चाहिए की  एक पिता जब अपनी पुत्री से छेड़छाड़ का विरोध करता है तो कुछ आवारा गुंडे लफंगे लड़के पत्थरों और चाकुओं से हमला कर देते और उन गुंडों दुस्साहस देखिए की बीच-बचाव करने पहुंचे लड़की के भाई पर भी चाकू से हमला कर देते है.

शनिवार को देर रात हुए इस हमले में घायल लड़की के पिता ध्रुव त्यागी की मौत हो गई. लड़की का भाई अनमोल अब भी हॉस्पिटल में मौत से जूझ रहा है. पुलिस के मुताबिक शनिवार की रात ध्रुव त्यागी अपनी बेटी की तबियत खराब होने पर हॉस्पिटल से दिखाकर अपने घर के पास पहुंचे तो पड़ोस में रहने वाले कुछ लड़कों ने ध्रुव त्यागी की बेटी से छेड़छाड़ की. वे घर आकर दुबारा उन लड़कों को समझने गए तो उन लड़कों ने पत्थर और चाकुओं से हमला कर दिया. पुत्र अनमोल और उसकी बहन जब मौके पर गए और पिता को बचाने की कोशिश की तो अनमोल को भी चाकू मार गम्भीर रूप से घायल कर दिया. जिसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई. बाद में इस मामले में पुलिस ने आरोपी मोहम्मद आलम, जहांगीर खान और दो अन्य नाबालिगों को पकड़ा लिया है. इस घटना में बेहद गम्भीर रूप से घायल लड़की के पिता ध्रुव त्यागी की सोमवार को अस्पताल में मौत हो गई और बेटा अनमोल गम्भीर हालात में हॉस्पिटल में है इस वारदात के बाद गमजदा परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.

लोगों को विश्वास ही नहीं हो रहा कि एक बाप को बटी की अस्मिता बचाने के लिए दिल्ली जैसे शहर में ही अगर जान न्यौछावर करनी पड़ेगी तो बाकी देश में कानून व्यवस्था का क्या हाल होगा.
इस वारदात के बाद आसपास के लोगों में काफी गुस्सा है. हालांकि पुलिस ने आईपीसी धारा 302, 506 और 509 के तहत केस दर्ज कर पड़ोसी 20 साल के मोहम्मद आलम और 45 साल के जहांगीर खान के साथ ही दो नाबालिगों को भी पकड़ा है. साथ ही बाद में पुलिस ने इस मामले में लिप्त दो महिलाओं को भी गिरफ्तार कर लिया है.

लेकिन देश के दिल में इंसानियत को शर्मसार करने वाला यह मामला जनता के जबरदस्त आक्रोश के चलते अब धीरे-धीरे एक बड़े जन आंदोलन का रूप लेता जा रहा है इस मसले में अब देश के बड़े नेताओं का पीडित परिवार से मिलने के चलते व बहुत सारे सामाजिक संगठनों के हस्तक्षेप के चलते और क्षेत्रीय लोगों के भारी जनाक्रोश के चलते यह मामला अब  दिन-प्रतिदिन बड़ा रूप लेता जा रहा है इस मसले को लेकर मंगलवार को कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव त्यागी पीडित परिवार से मिले वही उसी दिन सामाजिक संगठन राष्ट्रीय त्यागी युवा संघ के पदाधिकारियों ने न्याय की आवाज उठायी. वहीं बुद्धवार को जदयू के वरिष्ठ नेता पूर्व राज्य सभा सांसद के.सी. त्यागी के नेतृत्व में भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय गोयल, विधायक कपिल मिश्रा आदि देश के पत्रकार व सामाजिक संगठनों के बहुत सारे लोगों ने देश के गृहमंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात करके मांग कि है कि पीडित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी मिले, सुरक्षा मिले व तत्काल आश्रितों को पचास लाख रूपये की मुआवजा धनराशि मिले. बाद ये सभी पीडित पक्ष से परिजनों से भी मिले साथ ही साथ बुद्धवार की शाम को देश के विभिन्न सामाजिक संगठनों व आम लोगों के भारी जनसमूह ने इंडिया गेट पर विरोध प्रदर्शन किया लोगों की मांग थी की हत्यारों को जल्द से जल्द फाँसी की सजा देकर पीडित परिवार को न्याय दिया जाये.
वहीं बृहस्पतिवार को बहुत सारे आम लोगों ने व सामाजिक संगठनों ने संयुक्त रूप से गांव में हजारों लोगों ने इकट्ठा होकर महापंचायत करके इंसानियत को शर्मसार करने वाली इस घटना पर जबरदस्त विरोध प्रकट किया और दोषियों के लिए फांसी की मांग की, परिवार के लिए एक करोड़ रुपये सहायता धनराशि, एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी व परिवार के लिए सुरक्षा की मांग सरकार से करते हुए शोक सभा का आयोजन करके ध्रुव त्यागी को श्रद्धांजलि अर्पित करी.

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