जिंदगी ज़ख्मों से भरी है वक़्त को मरहम बनाना सीख लो;
हारना तो मौत के सामने है फिलहाल जिंदगी से जीतना सीख लो।
मंगलवार, 13 दिसंबर 2016
जिंदगी ज़ख्मों से भरी है वक़्त को मरहम बनाना सीख लो
रविवार, 11 दिसंबर 2016
धारा के साथ चलना जानते है अधिकांश लोग
धारा के साथ चलना जानते है अधिकांश लोग , विपरीत परिस्थितियों में सामंजस्य बनाते है चंद लोग , हौसले बुलंद करके हम तो चले जा रहे है , अपने जीवन को नई राह दिखाये जा रहे है ।।- दीपक त्यागी एडवोकेट
शुक्रवार, 9 दिसंबर 2016
रिश्तों की अहमियत उनको निभाने वाला जानता है
रिश्तों की अहमियत उनको निभाने वाला जानता है , जो रिश्ते निभाते नहीं वो उनकी अहमियत क्या जाने ।।- दीपक त्यागी एडवोकेट
दोस्तों लोगों का ईमान भी बिकाऊ है हमारे बाजारों में
दोस्तों लोगों का ईमान भी बिकाऊ है हमारे बाजारों में , बस तलाश है एक-अदत् पारखी खरीददार की दोस्तों ।।- दीपक त्यागी एडवोकेट
मंगलवार, 29 नवंबर 2016
रिश्तों का बधंन बडा ही निराला होता है
रिश्तों का बधंन बडा ही निराला होता है , हर वक्त सुख दुख का रखवाला होता है , हर व्यक्ति को जीवन में रिश्तों को निभाना होता है , जो माने इस परम्परा को वो जीवन में बडा सौभाग्य वाला होता है ।।- दीपक त्यागी एडवोकेट
दोस्तों आजकल देश में जो माहौल राजनैतिक लोगों व दलों ने अपना स्वार्थ सिद्ध करने के लिये बना रखा है
दोस्तों आजकल देश में जो माहौल राजनैतिक लोगों व दलों ने अपना स्वार्थ सिद्ध करने के लिये बना रखा है उसके दूरगामी परिणाम देश की छवि को बट्टा लगाने का कार्य करेंगे । आज देश में हालात यह हो गये है कि जिधर भी नजर घूमती है उसी तरफ समाज में नफरत की दीवार खडी नजर आती है । दोस्तों आज हमारे समाज के हालात यह हो गये है कि हम लोगों धर्म , जाति और गौत्रों के नाम पर अलग-अलग बट गये है । हमने अपने स्वार्थ की खातिर किसी को हिन्दू किसी को मुसलमान में बाट कर देश की एकता अखंडता , इंसानियत और आपसी भाईचारे को भारी नुकसान पहुचानें का कार्य किया है । दोस्तों आज के आधुनिक युग में भी हम यह सोचने के लिये तैयार नहीं है कि आज सबसे महत्वपूर्ण जाति धर्म इंसानियत है और उसके आगे कोई भी जाति धर्म जरा भी मायने नहीं रखता है लेकिन फिर भी हम लोग अपने आप को बदलने के लिये तैयार नहीं है । दोस्तों इसलिए देश हित में मेरा आप सभी से विनम्र निवेदन है कि हम लोगों को सबसे पहले इंसान बन कर एक दूसरे का सहयोग करते हुए देश को प्रगति के पथ पर अग्रसर करना चाहिये ना कि जाति धर्म के नाम पर एक दूसरे से वैर रख कर देश के विकास को अवरुद्ध करना चाहिये ।। जय हिन्द जय भारत ।। - दीपक त्यागी एडवोकेट
सोमवार, 28 नवंबर 2016
रिश्तों में धन का अहंकार दिखाने से सम्बंध खराब हो जाते है
🌺🌺 रिश्तों में धन का अहंकार दिखाने से सम्बंध खराब हो जाते हैं🌷💐🌷💐 रिश्तों में सहयोग के लीये हाथ बढानें से सम्बंध प्रगाढं हो जाते हैं🌺🌺
बडी मुद्दत से मिलता है जीवन में एक सच्चा साथी
बडी मुद्दत से मिलता है जीवन में एक सच्चा साथी , जीवन के हर लम्हों का गवाह बनता है अच्छा साथी , सुख का हमराही और दुख की ढाल बनता है सच्चा साथी , वक्त आने पर जीवन की सबसे बडी मिसाल बनता है अच्छा साथी ।।- दीपक त्यागी एडवोकेट
शुक्रवार, 25 नवंबर 2016
दोस्तों हमारे प्यारे देश में लोकतंत्र की नीव बेहद गहरी व मजबूत है
दोस्तों हमारे प्यारे देश में लोकतंत्र की नीव बेहद गहरी व मजबूत है जिसके चलते हर व्यक्ति पूर्ण रूप से अपने विचार रखने के लिये आजाद है और इसी स्वतंत्रता के चलतेे देश में आज हर व्यक्ति को अपनी बात को सम्पूर्ण आजादी के साथ बेहद बेबाकी से रखने का पूर्ण अधिकार प्राप्त है । इस अधिकार के चलते ही हम सब अपनी भावनाओं को सोशल मीडिया व अन्य प्रचार-प्रसार के माध्यमों के द्वारा बेहद बेबाकी से व्यक्त कर पाते है । लेकिन दोस्तों आज सोशल मीडिया के हालात यह हो गये है कि हम सब लोग अपनी भावना को व्यक्त करते समय यह भूल जाते है कि हम किसी की भावना को ठेस पहुचानें का कार्य व धार्मिक उन्माद भैलाने का कार्य कर रहे है और साथ-साथ आज सोशल मीडिया के द्वारा जमकर अश्लीलता फैलायी जा रही है जो समाज के लिये बेहद घातक है। दोस्तों आज हम अपनी भावन व्यक्त करते समय हम यह भूल जाते है कि व्यक्ति एक सामाजिक प्राणी है और समाज में छोटे-बडे का हमेशा सम्मान व शब्दों की गरिमा को हमेशा बना कर चाहिये तब ही समाज की एकता अखंडता बरकरार रह सकती है और देश का भला हो सकता है। दोस्तों हम सभी को विशेषकर सोशल मीडिया पर अपने विचार प्रकट करते समय यह अवश्य ध्यान रखना चाहिये कि हमेशा शब्दों की गरिमा व सभी का सम्मान बरकरार रहे किसीे के लिये भी अश्लील शब्दों व अपशब्दो का प्रयोग कभी भी ना करे और किसी भी प्रकार की समाज में अश्लीलता फैलाने का कार्य ना करें । क्योकि सोशल मीडिया पर हम जो अपने विचारों का आदान प्रदान कर रहे है वह चंद मिनटों में ही करोडौ लोगों की पहुचं में होते है और वेसै भी विचार ही व्यक्ति के व्यक्तित्व की पहचान कराते है कि वह किस तरह का सोच रखने वाला अच्छा या बूरा इंसान है ।। जय हिन्द जय भारत ।। - दीपक त्यागी एडवोकेट
मंगलवार, 22 नवंबर 2016
समय के साथ- साथ बदलते देखा है जमाने के बहुत से लोगों को हमने
समय के साथ- साथ बदलते देखा है जमाने के बहुत से लोगों को हमने , कभी अपनों को पराया कभी परायों को अपना होता देखा है बहुत हमने , हम तो तलाश में है आज भी उस सच्चे साथी की ऐ दोस्त , जो कभी भी हमारे बारे मे अपनी दोस्ती का नजरिया ना बदले ।।- दीपक त्यागी एडवोकेट
मंगलवार, 15 नवंबर 2016
🌺💐🌷🌸🌻🌹🌞 रिश्तों की अहमियत वो 🌺🌷🌸💐🌹🌻🌞
🌺💐🌷🌸🌻🌹🌞 रिश्तों की अहमियत वो शख्स क्या जाने जो चंद पैसों की खातिर अपना ईमान बेच कर रिश्ता निभाने वालों की जिंदगी दाव पर लगा देते हैं ।।-एडवोकेट दीपक त्यागी 🌺🌷🌸💐🌹🌻🌞
आदरणीय प्रधानमंत्री जी
आदरणीय प्रधानमंत्री जी ,
जब से आपने 1000 व 500 के नोट बंद करके पुराने नोट बदलने का निर्णय लिया है तब से पूरा देश आपके इस निर्णय के समर्थन में कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है, बेशक सरकार की आधी अधूरी तैयारी के कारण देशवासियों के बच्चे भूखों मर रहे हो , बूढ़े बीमार लम्बी-लम्बी कतारों में घंटों खड़े रहकर बेहोश होकर गिर रहे हो ,अपने जीवन की नई शुरूवात करने वाली बहन बेटियों की शादियां रुक रही हो , लोग दाल रोटी को भी तरस रहे हो लेकिन फिर भी देशवासी बगावत नहीं कर रहे है लोग पूरे सम्मान , धैर्य व शिद्दत के साथ सरकार के इस निर्णय को कामयाब बनाने के लिये आपके साथ खड़े है । वो सिर्फ इसलिए कि गरीबों का खून चूसकर बड़े-बड़े भ्रष्टाचारियों ने जो काला धन इकट्ठा किया है उनके खिलाफ उठाया गया आपका यह नोट बंदी का कदम बेहद कारगर साबित हो सके । वरन इसलिए नहीं कि गरीब जरूरतमंद यहां पैसे के अभाव में मरते रहें और कालाधन बड़ी आसानी से सरकार की नाक के नीचे ही उसी भ्रष्टतत्रं के द्वारा सफेद किया जाता रहे । आपसे अनुरोध है कि आपको भ्रष्टाचार के खिलाफ इस मुहिम को कामयाब बनाने के लिये सबसे पहले अपनी पार्टी में ही शामिल भ्रष्ट नेताओं के खिलाफ कड़ी कार्यवाही करके सभी देश के सामने नजीर पेश करनी चाहिये , जिससे भ्रष्टाचार में लिप्त अन्य पार्टियों के नेताओं , अधिकारियों को कड़ा संदेश देकर भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाया जा सके । आज देश आप से जानना चाहता है इस के लिए आपने क्या उपाय किए हैं??? या आपकी मुहिम केवल आम आदमी का ध्यान मुद्दो से हटाने तक सीमित है ।। - दीपक त्यागी एडवोकेट
रविवार, 13 नवंबर 2016
जल , वायु और भूमि को रखो प्रदूषण से मुक्त वरना जीवन हो जायेगा एक दिन धरा से लुप्त ।।- दीपक त्यागी एडवोकेट
जल , वायु और भूमि को रखो प्रदूषण से मुक्त वरना जीवन हो जायेगा एक दिन धरा से लुप्त ।।- दीपक त्यागी एडवोकेट
रख हौसला बंदें मंजिल तेरे कदम चूमेगी
🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺 रख हौसला बंदें मंजिल तेरे कदम चूमेगी , हर मुश्किल होगी आसान हर राह होगी तेरे नाम , हर लक्ष्य पर लिखा होगा तेरा नाम , जीवन में होगा बंदें तेरा बड़ा नाम ।।-🌞🌞🌞🌞 एडवोकेट दीपक त्यागी💐💐💐💐💐💐
बुधवार, 9 नवंबर 2016
रिश्तों की अहमियत वो लोग जानते हैं
🌞🌷🌸💐🌹🌻🌞 रिश्तों की अहमियत वो लोग जानते हैं , जो उनको निभाने के लिये जिदंगी भी दाव पर लगा देते है - एडवोकेट दीपक त्यागी 🌞🌹🌷🌸💐🌻🌞
सोमवार, 7 नवंबर 2016
जीवन में सबसे बड़ी सम्पत्ति किसी का विश्वास जीतना हैं
जीवन में सबसे बड़ी सम्पत्ति किसी का विश्वास जीतना हैं , और सबसे बड़ा अपराध किसी के विश्वास को तोड़कर विश्वास घात करना हैं ।। - एडवोकेट दीपक त्यागी
शुक्रवार, 4 नवंबर 2016
अपनों की भावनाओं से खिलवाड़ करना फैशन बन गया हैं आज दोस्तों
अपनों की भावनाओं से खिलवाड़ करना फैशन बन गया हैं आज दोस्तों , आज कदर अच्छे लोगों व अच्छी भावनाओं की नहीं धन की हैं दोस्तों ।।- दीपक त्यागी एडवोकेट
गर साथ हो जीवन में अच्छे दोस्त का
💥💥💥💥💥💥💥 गर साथ हो जीवन में अच्छे दोस्त का , हर राह आसान बन जाती हैं , कठिनाइयों से लड़ने का नया उत्साह हर कदम पाती हैं , जिदंगी की जंग जीत जाते हैं हर मुश्किल मे हर कदम दोस्ती निभाते हैं ।। - दीपक त्यागी एडवोकेट 💥💥💥💥💥💥💥
शनिवार, 29 अक्टूबर 2016
दोस्तों आज जीवन में अंधकार को दूर करने वाले प्रकाश के पावन पर्व दीपावली के अवसर पर हम सभी को देश को ष्रदुषण व भ्रष्टाचार मुक्त करने का संकल्प लेना चाहिये ।
दोस्तों आज जीवन में अंधकार को दूर करने वाले प्रकाश के पावन पर्व दीपावली के अवसर पर हम सभी को देश को ष्रदुषण व भ्रष्टाचार मुक्त करने का संकल्प लेना चाहिये । दोस्तों दीपावली "रोशनी का त्योहार" है एवं आध्यात्मिक रूप से अंधकार पर प्रकाश की विजय को दर्शाता है। दीपोत्सव का यह त्यौहार हमें ‘तमसो मा ज्योतिर्गमय’ अर्थात् ‘अंधेरे से ज्योति अर्थात प्रकाश की ओर जाइए’ यह संदेश देता है । आज देश मे ष्रदुषण व भ्रष्टाचार का अंधकार व्याप्त है इस दीपोत्सव के त्यौहार पर हमको इस अंधकार को हटाने की शुरूवात करने का संकल्प लेकर देश में स्वच्छ वायु व ईमानदारी के प्रकाश को भेलाना है हम भारतीयों का विश्वास है कि सत्य की सदा जीत होती है झूठ का नाश होता है , दीपावली यही चरितार्थ करती है। स्वच्छता व प्रकाश के पावन पर्व दीपावली पर ईश्वर से प्रार्थना है की कि आप सभी देशवासियों के जीवन में सदैव सुख समृद्धि शांति स्वच्छता एवं ईमानदारी का वास रहे । मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्री राम जी के जीवन से हमें सदा यह सीख मिलती है कि हम लोग मिलकर के रहें और मर्यादा में रहकर हर पल मानवता की सेवा करते रहे और अहंकार का त्याग करके जीवन में हमेशा सरल व विनम्र बने रहें। आप सभी को दीपावली के पावन पर्व पर बहुत-बहुत हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं ।। जय श्री राम ।। जय लक्ष्मी गणेश की ।। - दीपक त्यागी एडवोकेट
कामना करते हैं हर पल दोस्तों के आगे बढ़ाने की
कामना करते हैं हर पल दोस्तों के आगे बढ़ाने की , उम्मीद करते हैं दोस्तों से एक नये तरक्की के इतिहास लिखने की ।। दीपक त्यागी एडवोकेट
💥 संघर्ष करते है हर पल अपनों के अधिकार के लिये हम तो दोस्त 💥
💥💥💥💥💥💥💥 संघर्ष करते है हर पल अपनों के अधिकार के लिये हम तो दोस्त , उम्मीद नहीं करते है की संघर्ष में साथ हमारा देगा कोई दोस्त , इस व्यवसायिक दौर में जिसके लिये संघर्ष करते हो दोस्त , वही मतलब निकल जाने के बाद पहचानते भी नहीं हैं दोस्त ।।- दीपक त्यागी एडवोकेट 💥💥💥💥💥💥💥
शुक्रवार, 28 अक्टूबर 2016
जिदंगी की तलाश में हम मौत के कितने करीब आ गये ।।
जिदंगी की तलाश में हम मौत के कितने करीब आ गये , जब ये सोचा कि हम जीवन की अंधी दौड में क्या-क्या रिश्ते गवा गये , देर से आयी हमको समझ रिश्तों की हम धन कमाने के चक्कर में सब को भुला गये , ना रहा कोई अपना साथ जब हम कफन में बिना जेब लगवाये खाली हाथ दुनिया से चले गये ।।- दीपक त्यागी एडवोकेट
गलत राजनीति नहीं अपितु गलत वो राजनेता है जिन्होनें राजनीति को समाज सेवा का माध्यम ना मान कर लूट खसौट अवैध धंधे करके धन कमाने का माध्यम मान लिया है ।।
दोस्तों आज देश में हम लोग हर वक्त राजनीति व उससे जुडे़ लोगों को गलत बताते रहते है लेकिन कटु सच्चाई यह है कि राजनीति गलत नहीं अपितु गलत वो राजनेता है जिन्होनें उसको समाज सेवा का माध्यम ना मान करके केवल छल कपट लूट खसौट अवैध धंधे करके धन कमाने का माध्यम मान लिया है और जब इस प्रकार के लोग राजनीति में होगें तो हम उनसे मान सम्मान शर्म हया कानून के पालन की उम्मीद नहीं कर सकते है । आज के बेहद व्यवसायिक दौर में जिस प्रकार से शासन , प्रशासन व राजनीति करने वाले लोगों के द्वारा धन पशु व अवैध काम करने वालों को सरंक्षण दिया जा रहा है वह सभ्य समाज के लिये बेहद घातक आज अधिकांश धन पशु व अपराधिक प्रवर्ति के लोग राजनीति में धन कमाने के उद्देश्य से सक्रिय है किसी का भी समाज सेवा का कोई उद्देश्य नहीं है तो आप इस प्रकार के पशुओं से इंसानियत व कानून के पालन की नाजायज अपेक्षा ना करें । सबसे बड़े दुख की बात यह है कि आज किसी भी सही ईमानदार व्यक्ति को राजनीति , शासन व प्रशासन में बहुत समस्याओं का सामना करना पडता है उसको पल-पल षडंयत्रों का सामना करना पडता है जिसके चलते उनको बहुत कम कामयाबी मिल पा रही है क्योकि हम उन में से अधिकांश की तो शुरुआत में ही षडंयत्र कर-कर के भ्रुण हत्या कर देते है और जो बाकी संघर्ष करके बचते है तो वो लोगों के उदासीन रवैये को देखकर केवल अपने मान सम्मान को बचाने में लग जाते है क्योकि इनके पास दिखावे व लोगों को डराने धमकाने के लिये धन व अवैध सरंक्षण नहीं होता है तो हम लोग इनको राजनेता या किसी भी अन्य के रूप में स्वीकार नहीं करते है । आज जनता जनार्दन यानी हम लोगों की सोच भी इतनी गंदी हो गयी है कि जब किसी धन पशु अपराधिक प्रवर्ती के षडंयत्रकारी व्यक्ति के साथ समाज को डराने वाला तामझाम होता है तो हम उसको अधिकारी व नेता नहीं बल्कि महापुरुष मानते है जो समाज के लिये बेहद घातक है जब तक हमारे आदर्श ही इस प्रकार के होगें तब तक देश में समाज , इंसानियत व कानून का इस तरह ही सरेआम चौराहे पर बलात्कार होता रहेगा । दोस्तों अब समय आ गया है कि हमको अपनी सोच बदल कर अच्छे ईमानदार लोगों का हौसला बढा कर उनको प्रमोट करना होगा तब ही हमारा व देश का भविष्य उज्वल हो सकता है ।। जय हिन्द जय भारत ।।- दीपक त्यागी एडवोकेट
सार्वजनिक सम्पति को दंगा फसाद में आये दिन नुकसान पहुंचाते नादान लोग
देश में आज हालात यह है कि आये दिन सार्वजनिक सम्पत्ति को दंगा फसाद में लोग नुकसान पहुंचाते है चंद ना समझ लोग अभी तक यह समझने के लिये तैयार नहीं है कि देश का नुकसान हमारा नुकसान होता है । सरकार को इस तरह की हरकत करने वालों पर सख्ती से कानून का पालन करते हुए सरकारी व निजी सम्पत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों से ही उसका हर्जाना वसूलना चाहिये तब ही देश में अपना विरोध जताने का ये गलत तरीका बंद होगा ।। जय हिन्द जय भारत ।। - दीपक त्यागी एडवोकेट
1965 भारत पाक जंग में डोगरई मोर्च की लड़ाई के हीरो मेजर आशाराम त्यागी जी को शत्-शत् नमन
1965 भारत पाक जंग में डोगरई मोर्च की लड़ाई के हीरो मेजर आशाराम त्यागी जी को शत्-शत् नमन ।। 'जिंदा या मुर्दा डोगरई में मिलना है' के प्रण के साथ
6 सितंबर, 1965 को सुबह 9 बजे 3 जाट बटालियन ने इच्छोगिल नहर की तरफ़ बढ़ना शुरू किया.
नहर के किनारे हुई लड़ाई में पाकिस्तानी वायु सेना ने बटालियन के भारी हथियारों को बहुत नुक़सान पहुंचाया. इसके बावजूद 11 बजे तक उन्होंने नहर के पश्चिमी किनारे पर पहले बाटानगर पर कब्ज़ा किया ।
लेकिन भारतीय सेना के उच्च अधिकारियों को उनके इस कारनामे की जानकारी नहीं मिल पाई. डिवीजन मुख्यालय को कुछ ग़लत सूचनाएं मिलने के बाद उनसे कहा गया कि वो डोगरई से 9 किलोमीटर पीछे हट कर संतपुरा में पोज़ीशन ले लें.
वहाँ उन्होंने अपने ट्रेन्चेज़ खोदे और पाकिस्तानी सैनिकों के भारी दबाव के बावजूद वहीं डटे रहे.
21 सितंबर की रात को 3 जाट ने डोगरई पर फिर हमला कर दोबारा उस पर कब्ज़ा किया, लेकिन इस लड़ाई में दोनों तरफ़ से बहुत से सैनिक मारे गए.
"21 सितंबर की रात जब कर्नल हेड ने अपने सैनिकों को संबोधित किया तो उनसे दो मांगें की. एक भी आदमी पीछे नहीं हटेगा. और दूसरा ज़िदा या मुर्दा डोगरई में मिलना है. उन्होंने कहा अगर तुम भाग भी जाओगे, जब भी मैं लड़ाई के मैदान में अकेला लड़ता रहूँगा. तुम जब अपने गाँव जाओगे तो गाँव वाले अपने सीओ का साथ छोड़ने के लिए तुम पर थूकेंगे."
सीओ साहब मर गए तो क्या करोगे?
इसके बाद जब सारे सैनिकों ने खाना खा लिया तो वो अपने सहयोगी मेजर शेखावत के साथ हर ट्रेंच में गए और सिपाहियों से कहा, "अगर हम आज मर जाते हैं तो ये बहुत अच्छी मौत होगी. बटालियन आपके परिवारों की देखभाल करेगी. इसलिए आपको चिंता करने की ज़रूरत नहीं है."
"कर्नल हेड की बात सुन कर लोगों में जोश भर गया. उन्होंने एक सिपाही से पूछा भी कि कल कहाँ मिलना है तो उसने जवाब दिया डोगरई में. हेड ने तब तक जाटों की थोड़ी बहुत भाषा सीख ली थी. अपनी मुस्कान दबाते हुए वो बोले, ससुरे अगर सीओ साहब ज़ख्मी हो गया तो क्या करोगे. सिपाही ने जवाब दिया, सीओ साहब को उठा कर डोगरई ले जाएंगे, क्यों कि सीओ साहब के ऑर्डर साफ़ हैं... ज़िदा या मुर्दा डोगरई में मिलना है."
हमला शुरू हो चुका है
54 इंफ़ैंट्री ब्रिगेड ने दो चरणों में हमले की योजना बनाई थी. पहले 13 पंजाब को 13 मील के पत्थर पर पाकिस्तानी रक्षण को भेदना था और फिर 3 जाट को हमला कर डोगरई पर कब्ज़ा करना था.
लेकिन हेड ने ब्रिगेड कमांडर से पहले ही कह दिया था कि 13 पंजाब का हमला सफल हो या न हो, 3 जाट बटालियन दूसरे चरण को पूरी करेगी. 13 पंजाब का हमला असफल हो गया और ब्रिगेड कमांडर ने वायरलेस पर हेड से उस रात हमला रोक देने के लिए कहा. कर्नल हेड ने कमाँडर की सलाह मानने से इंकार कर दिया. उन्होंने कहा, हम हमला करेंगे, बल्कि वास्तव में हमला शुरू हो चुका है.
ठीक 1 बज कर चालीस मिनट पर हमले की शुरुआत हुई. डोगरई के बाहरी इलाके में सीमेंट के बने पिल बॉक्स से पाकिस्तानियों ने मशीन गन से ज़बरदस्त हमला किया.
सूबेदार पाले राम ने चिल्ला कर कहा, "सब जवान दाहिने तरफ़ से मेरे साथ चार्ज करेंगे." कैप्टेन कपिल सिंह थापा की प्लाटून ने भी लगभग साथ साथ चार्ज किया.
जो गोली खा कर गिरे उन्हें वहीं पड़े रहने दिया गया. पाले राम के सीने और पेट में छह गोलियाँ लगीं लेकिन उन्होंने तब भी अपने जवानों को कमांड देना जारी रखा.
हमला कर रहे 108 जवानों में से सिर्फ़ 27 जीवित बच पाए. बाद में कर्नल हेड ने अपनी किताब द बैटिल ऑफ़ डोगरई मे लिखा, "ये एक अविश्वसनीय हमला था. इसका हिस्सा होना और इसको इतने नज़दीक से देख पाना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात थी."
*****"कंपनी कमांडर आसाराम त्यागी की बहादुरी"*****
कैप्टेन बीआर वर्मा अपने सीओ से 18 गज़ पीछे चल रहे थे कि अचानक उनकी दाहिनी जाँग में कई गोलियाँ आकर लगीं और वो ज़मीन पर गिर पड़े.
21 सितम्बर 1965 की रात को कंपनी कमांडर मेजर आसाराम त्यागी को भी दो गोलियाँ लगीं, लेकिन उन्होंने लड़ना जारी रखा. उन्होंने एक पाकिस्तानी मेजर पर गोली चलाई और फिर उस पर संगीन से हमला किया.
इस बीच बिल्कुल प्वॉएंट ब्लैंक रेंज से उनको दो गोलियाँ और लगीं और एक पाकिस्तानी सैनिक ने उनके पेट में संगीन भोंक दी.
वो अपना लगभग खुल चुका पेट पकड़ कर जैसे ही गिरे हवलदार राम सिंह ने एक बड़ा पत्थर उठा कर उन्हें संगीन भोंकने वाले पाकिस्तानी सिपाही के सिर पर दे मारा.
मेजर वर्मा बताते हैं, "त्यागी कभी बेहोश हो रहे थे तो कभी उन्हें होश आ रहा था. मैं भी घायल था. मुझे उस झोंपड़ी में ले जाया गया जहाँ सभी घायल सैनिक पड़े हुए थे. जब घायल लोगों को वहाँ से हटाने का समय आया तो त्यागी ने मुझसे कराहते हुए कहा, आप सीनियर हैं, पहले आप जाइए. मैंने उन्हें चुप रहने के लिए कहा और सबसे पहले उनको ही भेजा. उनका बहुत ख़ून निकल चुका था."
मेजर शेख़ावत बताते हैं, "त्यागी बहुत पीड़ा में थे. उन्होंने मुझसे कहा सर, मैं बचूंगा नहीं. आप एक गोली मार दीजिए. आपके हाथ से मर जाना चाहता हूँ. हम सभी चाहते थे कि त्यागी ज़िंदा रहें."
तमाम प्रयासों के बावजूद 25 सिंतंबर को भारत माता के लाड़ले सपूत मेजर आशाराम त्यागी जी इस दुनिया से चल बसे ।
सुबह के तीन बजते बजते डोगरई पर भारतीय सैनिकों का कब्ज़ा हो गया. सवा छह बजे भारतीय टैंक भी वहाँ पहुंच गए और उन्होंने इच्छोगिल नहर के दूसरे किनारे पर गोलाबारी शुरू कर दी जहाँ से भारतीय सैनिकों पर भयानक फ़ायर आ रहा था.
3 जाट बटालियन के सैनिकों ने झोंपड़ी में छिपे हुए पाकिस्तानी सैनिकों को पकड़ना शुरू किया. पकड़े जाने वालों में थे लेफ़्टिनेंट कर्नल जे एफ़ गोलवाला जो कि 16 पंजाब (पठान) के कमांडिंग ऑफ़ीसर थे.
इच्छोगिल नहर पर लांस नायक ओमप्रकाश ने भारत का झंडा फहराया. वहाँ मौजूद लोगों के लिए यह बहुत गर्व का क्षण था. बाद में इस लड़ाई के लिये लेफ़्टिनेंट कर्नल डी एफ़ हेड, मेजर आसाराम त्यागी और कैप्टेन के एस थापा को महावीर चक्र दिया गया ।।
बुधवार, 11 मई 2016
अति महत्वाकांक्षा के चलते उत्तराखंड में राष्ट्रीय पार्टियों व लोकतंत्र को हुआ बडा खतरा ।।
दोस्तों अभी हाल में उत्तराखंड में घटे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिये बेहद शर्मनाक राजनैतिक घटनाक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की पार्टी के कार्यकर्ताओं और विधायकों पर ढीली होती पकड व केन्द्र सरकार और भाजपा के राजनेताओं की प्रदेश में सत्ता हथियाने की अति महत्वाकांक्षा के चलते घटे राजनैतिक घटनाक्रम के बाद केंद्र सरकार ने प्रदेश की सत्ता पाने के लालच में लोकतंत्र की हत्या करते हुए राष्ट्रपति शासन लगाया था । जिसके चलते देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को बहुत बडा नुकसान उठाना पडा है क्योंकि स्वस्थ्य लोकतंत्र के लिये स्वस्थ्य व पारदर्शी लोकतांत्रिक व्यवस्था होना बेहद जरूरी है । अभी हाल के दिनों उत्तराखंड के राजनीति में आये भूचाल ने कांग्रेस व भाजपा के राजनेताओं के ईमानदारी की नौटंकी करने वाले दोगले चरित्र की बखिया उधेड कर रख दी । आज उत्तराखंड में राजनैतिक हालात यह है कि वहाँ के राजनेता आपस में एक दूसरे का मान मर्दन करने की लिये विधायकयों को धनबल , बाहूबल का आनंद दिलवाने में लगें हुए है और कुछ स्टिंग-स्टिंग खेल कर एक दूसरे का जेल जाने का रास्ता बनाने में लगें हुए है जो कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिये बेहद नुकसान दायक है । आज प्रदेश के राजनेताओं में आपस में अविश्वास की बडी भयंकर दीवार खडी हो गयी है कांग्रेस पार्टी का प्रदेश व केन्द्रीय नेतृत्व अपने ही अयोग्य करार दिये गये 9 विधायकों का विश्वास जीतने में आखिर तक नाकाम रहा है । आज प्रदेश में हुए राजनैतिक घटनाक्रम से कांग्रेस पार्टी को यह समझना व सबक लेना होगा कि राजनीति में पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व को प्रदेश के सभी राजनेताओं को समय देना चाहिये और कुछ आपसी मनमुटाव अगर प्रदेश के नेतृत्व से है तो उन लोगों की बात सुनकर आपस में मिलना- जुलकर समय पर मामले को सुलझा देना चाहिये वरना आज राजनेताओं की अति महत्वाकांक्षा के चलते किसी भी पार्टी को किसी भी प्रदेश में उत्तराखंड जैसे हालात का कभी भी सामना करना पड सकता है । वहीं भाजपा के केन्द्रीय व प्रदेश नेतृत्व को भी समझना होगा की देश में सत्ता लोकतांत्रिक व्यवस्था से मिलती ना कि लोकतंत्र की हत्या करने से मिलती है । दोस्तों इस राजनैतिक घटनाक्रम से भाजपा को भी सबक लेना व समझना होगा कि जिस तरह से उसने अभी हाल के दिनों में लोगों द्वारा चयनित की गयी अरूणाचल , हिमाचल व उत्तराखंड की सरकारों को अस्थिर करके गलत हथकंडे अपना कर सत्ता हासिल करने का प्रयास किया है वह तरीका लोकतंत्र के लिये बेहद गलत है हालांकि भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व ने उत्तराखंड में तो सत्ता प्राप्त करने के लिये लोकतांत्रिक व्यवस्था की हत्या तक कर दी । जो की स्वस्थ्य लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं के लिये बेहद घातक है । साथ ही साथ इन सभी घटनाक्रमों से भाजपा केन्द्रीय व प्रदेश नेतृत्व की जनमानस में सत्ता के लालची लोगों की छवि बनी है जो की प्रदेशों की सरकार चुनावों के माध्यम से हासिल ना करके जुगाड़ से हासिल करना चाहती है वह देश की राजनैतिक व्यवस्था के लिये अच्छा संकेत नहीं है । दोस्तों उत्तराखंड में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर हुए फ्लोर टेस्ट में कांग्रेस पार्टी की सरकार के पक्ष में बहुमत मिला जिसके बाद वहाँ से केंद्र सरकार ने तत्काल राष्ट्रपति शासन हटा दिया से यह साबित होता है कि आज देश में जो निष्पक्ष निर्णय संसद व विधानसभाओं से होने चाहिये थे उनको भी करवाने के लिये लोगों को न्यायपालिका की शरण में जाना पड रहा है आज देश में समय की मांग है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के लिये जिम्मेदारी देश की संसद व विधानसभाओं की है वह उसका सही ढंग से निर्वहन करें ।। धन्यवाद ।। - दीपक त्यागी एडवोकेट