समय के साथ- साथ बदलते देखा है जमाने के बहुत से लोगों को हमने , कभी अपनों को पराया कभी परायों को अपना होता देखा है बहुत हमने , हम तो तलाश में है आज भी उस सच्चे साथी की ऐ दोस्त , जो कभी भी हमारे बारे मे अपनी दोस्ती का नजरिया ना बदले ।।- दीपक त्यागी एडवोकेट
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