दोस्तों आज देश में आपनी राजनीति चमकाने के लिये महापुरुषों के अपमान करने का फैशन चल गया । जिसे देखो वो ही अपनी सुविधानुसार महापुरुषों के अपने समय में लिये गये निर्णय व किये गये कार्य का आकलन करने लग जाता हैं । हम लोग भी यह सोचने के लिये तैयार नहीं होते हैं किसी भी व्यक्ति के द्वारा जो निर्णय लिया गया जाता है वो उस समयानुसार देशकाल व परिस्थितियों को देख कर लिया जाता हैं अगर हम उसका वर्षों बाद हम आकलन करने बैठ गये तो वो निर्णय उस समय के लोगों को उस समयानुसार देशकाल व परिस्थितियों के चलते सही व गलत लग सकता हैं । लेकिन इसके चलते क्या हम अपने पुर्वजों के मानसम्मान को ठेस पहुंचाने लगे तो वो उचित होगा क्या . आज देश में राजनैतिक पार्टियां अपनी राजनीति को परवान चढ़ाने के लियें सुविधानुसार महापुरुषों व पुर्वजों के मानसम्मान से खिलवाड़ करने की ओछी हरकत करने लगें हैं जो कि देश की एकता अखंडता व अमनचैन को कायम रखने के लिये बेहद घातक हैं । क्योंकि देश में आज राजनैतिक दलों के साथ-साथ उनके बहकावे व उकसावे में आकर देश के आम लोग भी महापुरुषों को भी पार्टी विशेष से जोड़ने लगे हैं जो कि बेहद दुःखद हैं । लेकिन अब समय आ गया हैं जब देश के सभी जिम्मेदार आम नागरिकों को देश के अमनचैन को कायम रखने की खातिर ठंडे दिमाग से सोचना होगा कि महापुरुष किसी राजनैतिक दल की बपौती या धरोहर नहीं होते हैं बल्कि वो देश की अनमोल धरोहर होते हैं उनके दिखाये मार्ग से ही सीखकर देश विकास के रोज नित नये किर्तिमान स्थापित कर रहा हैं . आज राजनैतिक दलों के लोग अपनी उकसाने वाली ओछी हरकतों से किसी की भी महापुरुष की प्रतिमा तो गिरावा सकते हैं लेकिन उनको यह भी ध्यान रखना चाहिये कि प्रतिमा गिरने से विचारधारा कभी खत्म नहीं होती हैं। लोगों के मन व कर्म में विचारधारा हमेशा बनी रहती हैं और सबसे बड़ी बात यह हैं कि हमारें प्यारे देश में लोकतंत्र की निष्पक्ष जड़े इतनी गहरी हैं कि आप जबरन अपनी विचारधारा किसी पर भी थोप नहीं सकते हैं चाहें वो किसी की भी विचारधारा हो गांधी, पटेल, नेहरू, अंबेडकर, शास्त्री, पेरियार, इंदिरा, की हो या सावरकर, गोलवलकर, दीनदयाल उपाध्याय, श्यामाप्रसाद मुखर्जी जी की हो । सभी की विचारधारा अलग-अलग होने के बाद भी देश के आम नागरिकों के मन व कर्म में हमेशा बनी रहेंगी और यही सबसे बड़ी खूबी भारतीयता व भारतीय लोकतंत्र को सबसे अधिक स्वतंत्र व निष्पक्ष बनाती हैं इस खूबी को हमेशा बना कर रखना हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी हैं । आज हम सभी देशवासियों का दायित्व हैं कि हम सभी विचारधाराओं का सम्मान करते हुए राजनैतिक दलों के उकसावे में आकर अपने महापुरुषों का अपमान ना करें ।। जय हिन्द जय भारत
Amazing
जवाब देंहटाएं