दोस्तों कुछ माह पहले जेएनयू में हुई घटना में कुछ देश विरोधी कृत्यों में लिप्त षड्यंत्रकारी छात्रों के द्वारा देशद्रोही अफजल गुरु को शहीद बताने पर देश में खूब राजनैतिक नौटंकी व रोटियां सेकी गयी । किसी राजनैतिक दल के द्वारा कन्हैया को गद्दार बताया गया तो किसी के द्वारा इसको अभिव्यक्ति की आजादी का चोला पहनाया गया । इस पूरे देशद्रोही घटनाक्रम पर विपक्षी दलों व सत्ता पक्ष के द्वारा बेहद गैर जिम्मेदारी पूर्ण रवैया अपनाया गया था जो कि देश की एकता अखंडता व विकास के लिये बेहद खतरनाक था । भाजपा व केंद्र सरकार के द्वारा भी इसे देश से गद्दारी बताया गया था लेकिन अब फिर सत्ता के लालच में भाजपा के द्वारा जम्मू काश्मीर में आतंकियों की सबसे बडी हितैषी व अफजल गुरु को शहीद मानने वाली पीडीपी की महबूबा मुफ्ती के साथ सरकार बनाना क्या देशद्रोह का कार्य नहीं है क्योंकि पीडीपी तो देश के दुश्मन अफजल गुरु जैसे लोगों को शहीद व अपना आदर्श मानती है । क्या भाजपा का उसके साथ सरकार के मजे लेना आखिर देशहित का कार्य है । कन्हैया ने तो केवल एक छात्र रहते हुए देशद्रोह के कार्य को अंजाम दिया था जिसकी देश के प्रति कोई बडी जिम्मेदारी नहीं थी लेकिन भाजपा व केंद्र सरकार पर तो देश की एकता अखंडता व संविधान के पालन व मान-सम्मान को बरकरार रखने की बेहद महत्वपूर्ण बडी जिम्मेदारी है । फिर भी भाजपा सत्ता के मद्द में चूर होकर के जम्मू काश्मीर की सत्ता हासिल करने के लालच में लोगों की जन भावनाओं के विपरीत पीडीपी की महबूबा मुफ्ती के साथ सरकार बना कर अपनी पीठ थप-थपा रही है । भाई हर वक्त देश भक्ति का प्रमाण पत्र बाटने का ठेका लेने वाले लोगों आखिर यह किस तरह की दौगली देश भक्ति है कि वो काम अगर देशद्रोही कन्हैया करें तो वो अपराध और तुम करों तो वो देश सेवा व देश भक्ति , आखिर देश हित व देश भक्ति पर इस तरह का रवैया केन्द्र सरकार व अन्य राजनैतिक दलों का क्यों है । आज देश में हालात यह हो गये है कि दिल्ली में देशद्रोही कार्य को करने वाले छात्रों को आज तक सही ढंग से पुलिस चिन्हित करके कार्यवाही नहीं कर पायी है वही श्रीनगर NIT में छात्रों के द्वारा तिरंगा फहराये जाने पर उन छात्रों की जान पर आन पडी है और भाजपा की केन्द्र सरकार व उसके गठबंधन से चल रही जम्मू कश्मीर सरकार हाथ पर हाथ रखे हुए बैठ कर देश भक्त छात्रों पर लाठीचार्ज करवाने में लगी हुई है ना जाने राजनैतिक दलों की दोगलेपन पूर्ण दोहरे मापदंड वाली ये किस तरह की देश भक्ति है ।। जय हिन्द जय भारत ।।-दीपक त्यागी एडवोकेट
सत्य वचन
जवाब देंहटाएंअपने स्वार्थ के हिसाब से देश भक्ति के मापदंड अलग अलग ना करें देश भक्ति देश भक्ति होती है देश गायक सर्वोच्च होता है राजनीति अलग होती है उस पर राजनीति न करें
जवाब देंहटाएंSuperb
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