जिंदगी ज़ख्मों से भरी है वक़्त को मरहम बनाना सीख लो;
हारना तो मौत के सामने है फिलहाल जिंदगी से जीतना सीख लो।
मंगलवार, 13 दिसंबर 2016
जिंदगी ज़ख्मों से भरी है वक़्त को मरहम बनाना सीख लो
रविवार, 11 दिसंबर 2016
धारा के साथ चलना जानते है अधिकांश लोग
धारा के साथ चलना जानते है अधिकांश लोग , विपरीत परिस्थितियों में सामंजस्य बनाते है चंद लोग , हौसले बुलंद करके हम तो चले जा रहे है , अपने जीवन को नई राह दिखाये जा रहे है ।।- दीपक त्यागी एडवोकेट
शुक्रवार, 9 दिसंबर 2016
रिश्तों की अहमियत उनको निभाने वाला जानता है
रिश्तों की अहमियत उनको निभाने वाला जानता है , जो रिश्ते निभाते नहीं वो उनकी अहमियत क्या जाने ।।- दीपक त्यागी एडवोकेट
दोस्तों लोगों का ईमान भी बिकाऊ है हमारे बाजारों में
दोस्तों लोगों का ईमान भी बिकाऊ है हमारे बाजारों में , बस तलाश है एक-अदत् पारखी खरीददार की दोस्तों ।।- दीपक त्यागी एडवोकेट
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