बुधवार, 11 मई 2016

अति महत्वाकांक्षा के चलते उत्तराखंड में राष्ट्रीय पार्टियों व लोकतंत्र को हुआ बडा खतरा ।।

दोस्तों अभी हाल में उत्तराखंड में घटे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिये बेहद शर्मनाक राजनैतिक घटनाक्रम में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की पार्टी के कार्यकर्ताओं और विधायकों पर ढीली होती पकड  व केन्द्र सरकार और भाजपा के राजनेताओं की प्रदेश में सत्ता हथियाने की अति महत्वाकांक्षा के चलते घटे राजनैतिक घटनाक्रम के बाद केंद्र सरकार ने प्रदेश की सत्ता पाने के लालच में  लोकतंत्र की हत्या करते हुए राष्ट्रपति शासन लगाया था । जिसके चलते देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को बहुत बडा  नुकसान उठाना पडा है  क्योंकि स्वस्थ्य लोकतंत्र के लिये स्वस्थ्य व पारदर्शी लोकतांत्रिक व्यवस्था होना बेहद जरूरी है । अभी हाल के दिनों उत्तराखंड के राजनीति में आये भूचाल ने कांग्रेस व भाजपा के राजनेताओं के ईमानदारी की नौटंकी करने वाले दोगले चरित्र की बखिया उधेड कर रख दी । आज उत्तराखंड में  राजनैतिक हालात यह है कि वहाँ के राजनेता आपस में एक दूसरे का मान मर्दन करने की लिये विधायकयों को धनबल , बाहूबल का आनंद दिलवाने में लगें हुए है और कुछ स्टिंग-स्टिंग खेल कर एक दूसरे का जेल जाने का रास्ता बनाने में लगें हुए है जो कि लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिये बेहद नुकसान दायक है । आज प्रदेश के राजनेताओं में आपस में अविश्वास की बडी भयंकर दीवार खडी हो गयी है कांग्रेस पार्टी का प्रदेश व केन्द्रीय नेतृत्व अपने ही अयोग्य करार दिये  गये 9 विधायकों का विश्वास जीतने में आखिर तक नाकाम रहा है । आज प्रदेश में हुए राजनैतिक घटनाक्रम से कांग्रेस पार्टी को यह समझना व सबक लेना होगा  कि राजनीति में पार्टी के केन्द्रीय नेतृत्व को प्रदेश के सभी राजनेताओं को समय देना चाहिये और कुछ आपसी मनमुटाव अगर प्रदेश के नेतृत्व से है तो उन लोगों की बात सुनकर आपस में मिलना- जुलकर समय पर  मामले को सुलझा देना चाहिये वरना आज राजनेताओं की अति महत्वाकांक्षा के चलते किसी भी पार्टी को किसी भी प्रदेश में उत्तराखंड जैसे हालात का कभी भी सामना करना पड सकता है । वहीं भाजपा के केन्द्रीय व प्रदेश नेतृत्व को भी समझना होगा की देश में सत्ता लोकतांत्रिक व्यवस्था से मिलती ना कि लोकतंत्र की हत्या करने से मिलती है । दोस्तों इस राजनैतिक घटनाक्रम से भाजपा को भी सबक लेना व समझना होगा कि जिस तरह से उसने अभी हाल के दिनों में लोगों द्वारा चयनित की गयी अरूणाचल , हिमाचल व उत्तराखंड की सरकारों को अस्थिर करके गलत हथकंडे अपना कर  सत्ता हासिल करने का प्रयास किया है वह तरीका लोकतंत्र के लिये बेहद गलत है  हालांकि भाजपा के केन्द्रीय नेतृत्व ने उत्तराखंड में तो सत्ता प्राप्त करने के लिये लोकतांत्रिक व्यवस्था की हत्या तक कर दी । जो की स्वस्थ्य लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं के लिये बेहद घातक है । साथ ही साथ इन सभी घटनाक्रमों से भाजपा केन्द्रीय व प्रदेश नेतृत्व की जनमानस में सत्ता के लालची लोगों की छवि बनी है  जो की प्रदेशों की सरकार चुनावों के माध्यम से हासिल ना करके जुगाड़ से हासिल करना चाहती है वह देश की राजनैतिक व्यवस्था के लिये अच्छा संकेत नहीं है । दोस्तों उत्तराखंड में माननीय सर्वोच्च न्यायालय के आदेश पर हुए फ्लोर टेस्ट में कांग्रेस पार्टी की सरकार के पक्ष में बहुमत मिला जिसके बाद वहाँ से केंद्र सरकार ने तत्काल राष्ट्रपति शासन हटा दिया से यह साबित होता है कि आज देश में जो निष्पक्ष निर्णय संसद व विधानसभाओं से होने चाहिये थे उनको भी करवाने के लिये लोगों को न्यायपालिका की शरण में जाना पड रहा है आज देश में समय की मांग है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था की रक्षा के लिये जिम्मेदारी  देश की संसद व विधानसभाओं की है वह उसका सही ढंग से निर्वहन करें ।। धन्यवाद ।। - दीपक त्यागी एडवोकेट